एक स्वप्न

एक स्वप्न देखा था कभी , जो आज हर धड़कन में हैं ।
एक नया भारत बनाने का इरादा मन मे हैं ॥

एक नया भारत कि जिसमे एक नया विश्वास हो ,
जिसकी आँखों मे चमक हो एक नया उल्लास हो ,
हो जहाँ सम्मान हर एक जाति हर एक धर्म का ,
सब समर्पित हों जिसे वो लक्ष्य जिसके पास हो ।

एक स्वप्न देखा था कभी , जो आज हर धड़कन में हैं ।
एक नया भारत बनाने का इरादा मन मे हैं ॥

एक नया भारत कि जिसमे प्यार हो सुख शांति हो ,
सबके हाथों में कलम ही एक मात्र हथियार हो ,
जीते जाते हों जहाँ दिल जान को भी वार के ,
खुद से पहले औरों का सुख कर्म ही निष्काम हो ।

एक स्वप्न देखा था कभी , जो आज हर धड़कन में हैं ।
एक नया भारत बनाने का इरादा मन मे हैं ॥

बढ़ रहेँ हो प्रगति मे हम जिस रफ्तार से ,
कर रहा हो नमन विश्व भी उस भाव से ,
फिर प्रतिष्ठित हो जगत मे विश्व गुरु के नाम से ,
लिख रहा हो हर्फ सुनहरा वक्त खुद ही चाव से ।

एक स्वप्न देखा था कभी , जो आज हर धड़कन में हैं ।
एक नया भारत बनाने का इरादा मन मे हैं ॥

--------- अश्विनी कुमार तिवारी (04.08.2010)